अयोध्या। भ्रष्टाचार समेत कई शिकायतों के चलते सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान को हटा दिया गया है। उनके स्थान पर जालौन के एसीएमओ डॉ. देवेंद्र भटौरिया को कमान सौंपी गई है। महज 10 माह के कार्यकाल में ही सीएमओ का कार्यकाल कई तरह की चर्चाओं से भरा रहा।
बिजनौर में एसीएमओ रहे डॉ. सुशील कुमार बानियान को एक मार्च, 2025 को जिले का सीएमओ बनाया गया था। कार्यभार संभालने के बाद से ही वह अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होमों पर कहर बनकर टूटे। ताबड़तोड़ छापा मारकर कई केंद्रों को बंद कराया। कई जगहों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की गैरमौजूदगी में ऑपरेशन पर रोक लगाई। लगभग 50 केंद्रों पर आंशिक या पूर्ण रूप से सील करके वह रसूखदारों के निशाने पर आए।
वहीं, लगातार ट्रांसफर-पोस्टिंग के मामले में कर्मचारियों के निशाने पर भी रहे। इन्हीं कारणों से डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से तनातनी रही। अस्पतालों के पंजीकरण, नवीनीकरण आदि में वह लगातार सुर्खियों में रहे। हालांकि, इस अवधि में उन्होंने प्रथम संदर्भन इकाइयों पर सिजेरियन प्रसव सेवाएं मजबूती से शुरू कराईं, जिसकी वजह से अयोध्या की साख प्रदेश स्तर पर बढ़ी।
इस बीच उन पर नर्सिंग होमों को सील करने और उनसे धन उगाही के आरोप भी लगे। रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने इन्हीं बिंदुओं का हवाला देते हुए सीएमओ की शासन में शिकायत की। निदेशक स्वास्थ्य के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी मामले की जांच कर रही थी। इसी दौरान इंजेक्शन के ओवरडोज से महिला की मौत मामले में निर्मला अस्पताल पर हुईं कार्रवाइयों से आईएमए भी उनके विरोध में आया।
डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने इन्हीं शिकायतों का संज्ञान लेकर एक जनवरी को अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार घोष को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने सीएमओ की अन्यत्र तैनाती की मांग की थी। अपर मुख्य सचिव ने मंडलायुक्त से वार्ता की तो उन्होंने मामले की पुष्टि की थी। इसी वजह से मंगलवार को उन्हें हटाकर लखनऊ का संयुक्त निदेशक बनाया गया है।
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