प्रदेश में जो लोग मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 भर रहे हैं, उनके ब्योरे का भी मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से किया जाएगा। अभी तक 25 लाख से अधिक लोगों ने फॉर्म-6 भरे हैं। इसमें से 14627 फॉर्म-6 राजनीतिक दलों की ओर से भरवाए गए हैं और बाकी सभी फॉर्म-6 लोगों ने खुद भरे हैं।
ऐसे लोग जिनका मतदाता सूची में नाम नहीं है, वह मतदाता बनने को फॉर्म-6 भर रहे हैं। उनसे फॉर्म के साथ घोषणा पत्र भी अनिवार्य रूप से भरवाया जा रहा है। घोषणा पत्र में उसे वर्ष 2003 की मतदाता सूची में से स्वयं का या अपने माता-पिता, बाबा-दादी व नाना-नानी का विवरण भरना अनिवार्य होगा।
अगर वर्ष 2003 की मतदाता सूची से इनका मिलान नहीं हो पाएगा तो फिर इन्हें भी नोटिस जारी किया जाएगा। एसआईआर की प्रक्रिया में वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाकर ही सत्यापन किया जा रहा है। नोटिस आने पर वह पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र व शैक्षिक प्रमाणपत्रों सहित 13 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करेगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा की ओर से मतदाताओं से अपील की गई है कि वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाएं। यूपी में 6 फरवरी तक मसौदा सूची पर दावे व आपत्तियां ली जा रही हैं। इसके अलावा अभी तक मतदाता सूची से अपना नाम कटवाने के लिए 14968 लोगों ने फॉर्म-सात भरा है।
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